अफ्रीकन ग्रे पैरट

वैज्ञानिक नामः पिस्टाकस अर्थिरियस

मूल रूप से यह पक्षी भूमध्य रेखा अफ्रीका का हैS] यह प्रजाति काफी चतुर मानी जाती है और यह मानव की भाषा की अच्छी तरह नकल यानी मिमिक्री कर सकती है और पक्षी काफी वांछनीय एवं प्यार करने योग्य तथा आजीवन साथी के रूप में आज उपलब्ध है।

इस अफ्रीकन ग्रे नस्ल की दो विभिन्न किस्में हैं द कांगो अफ्रीकन ग्रे और टिमिथ अफ्रीकन ग्रे। यह दोनों प्रजाजियां अफ्रीका के विभिन्न इलाकों में पाई जाती हैं। तथापि इनका मूल निवास पश्चिमी एवं मघ्य के निचले इलाकों में है।

अफ्रीकन ग्रे का औसत जीवनकाल क्षमता की दृष्टि से 50 वर्ष माना गया है तथापि यह देखा गया है कि जंगलों में इनका जीवनकाल काफी छोटा यानी केवल 23 वर्ष ही रहता है।